• All India Kisan Sangharsh Coordination Committee (AIKSCC)
  • Press Statement | Delhi, 29th September 2020

    AIKSCC ANNOUNCES MASSIVE ALL INDIA FARMERS PROTESTS FROM 2ND OCTOBER, CULMINATING IN “DELHI CHALO” ON 26-27TH NOVEMBER

    AIKSCC Congratulates farmers, farmworkers and the ordinary people of India for their historic Bharat Bandh & Resistance Programs on 25th September and felicitates all organisations for coordinating the resistance action against the anti-farmer, anti-people laws and policies of the Central Govt. For the first time in history, farmers across the country protested within five days of a central legislation being passed. This flash protest which gives a glimpse of farmers’ anger against these assault on their life and livelihood, was observed across 20 states. AIKSCC associates observed this protest by way of “Chakka Jam”, “Dharna” or burning of legislation etc. in over ten thousand places involving about fifteen million farmers. While the Central Govt. has been trying to spin and peddle a false narrative that the farmers protests are restricted to north India, the all-India character of the Bandh & Protest was clearly visible when in southern-most Tamil Nadu, protests were held at 300 places, more than 35,000 farmers were out on the streets and 11,000 plus were arrested by the BJP-friendly state Govt.!! Also noteworthy are the huge rallies and meetings being held in Karnataka and the successful Bandh that was held there on 28th September, 2020. There are reports of the Bandh being observed spontaneously by other organisations and farmers not associated with any organisations. This Bandh has demonstrated that farmers of the country reject these the three black legislations of the Central Govt.

    It may be recalled that AIKSCC had started protests from before August 9 and had announced that it will continue protests till all three laws are withdrawn. Since the Central Govt. is going ahead with the implementation of these anti-farmer laws and is also spreading misinformation with regard to MSP/Procurement, AIKSCC will carry forward this resolve of the farmers and shall not allow these laws to be implemented.

    AIKSCC calls upon the Central Govt. to heed to the farmers demands and desist from promulgating these Acts. It also calls upon State Governments of Opposition Parties who have expressed support to the cause and position of the farmers to devise legal ways to ensure that these are not implemented in their States. Additionally, AIKSCC calls upon State Assemblies of these States to adopt Resolutions not to implement these laws as they undermine the federal structure and are a serious attack on farmer’s rights.

    AIKSCC will continue and further intensify its agitation against these black anti-farmer laws. Several State Units of AIKSCC have already given a call for continuing the agitations by way of village level and block level or mandi level meetings, seminars to expose the fraud being perpetrated by the Central Govt. on farmers, spontaneous protests, relay hunger strikes, hunger strikes etc. AIKSCC is also closely coordinating with all organisations and its own State Units, including the movements in Punjab, Haryana, West UP and in Karnataka, Tamil Nadu and Telangana and shall announce further action plans as decided, and in the meanwhile AIKSCC National Working Group endorses all state level programs, including:

    ~ Call for Rail Roko Issued by Punjab Farmers Organisations
    ~ Call to protest outside the house of Haryana’s Dy Chief Minister Dushyant Chautala on 6th October, to demand his resignation
    ~ Call by Karnataka Farmers Organisations and other Groups to resist implementation of anti-farmer/anti-people Central and State laws and action, against which huge protests and rallies have already been held and more are being planned

    These state level of local protests will be accompanied by national level programs, some of which are as follows:

    ~ On 2nd October, Farmers of India shall take a pledge for Social Boycott of those political leaders and representatives whose parties have not opposed these anti-farmers legislations and for holding village meetings to adopt resolutions against the anti-farmer laws of the Central Govt.

    ~ 14th October shall be observed by Farmers of India as MSP Adhikar Diwas wherein farmers shall expose the  lie of the Govt. that the farmers are receiving MSP as recommended by the Swaminathan Commission.

    All the protest will culminate in a National Protest on 26th & 27th November in Delhi. AIKSCC hereby gives a call for “Delhi Chalo” to all Farmers of India so that this anti-farmer Central Govt. is forced to withdraw its inhuman assault on farmers future and livelihood. AIKSCC resolves not to rest till Farmers of India have secured a victory – WE SHALL FIGHT, WE SHALL WIN.

    Media Cell | Ashutosh
    Contact: 99991 50812

     
    ——————————————————————————————————————–
     

    अखिल भारतीय किसान संघर्ष समीति, एआईकेएससीसी

    प्रेस बयान: दिल्ली, 29.09.2020

    एआईकेएससीसी ने 2 अक्टूबर से शुरू करके देशभर में किसानों के बड़े विरोध अभियानों की घोषणा की है, जो 26-27 नवम्बर को ‘दिल्ली चलो’ में सम्पन्न होंगे

    एआईकेएससीसी ने देशभर के किसानों, कृषि मजदूरों, व आमजनों को 25 सितम्बर के ऐतिहासिक भारत बंद व प्रतिरोध कार्यक्रमों की सफलता के लिए बधाई दी है और केन्द्र सरकार के किसान विरोधी व जन-विरोधी कानून व नीति के विरूद्ध प्रतिरोध का समन्वय करने के लिए सभी संगठनों की सराहना की है। इतिहास में पहली बार देश भर के किसानों ने केन्द्रीय कानून पारित होने के 5 दिन के अन्दर ऐसा विरोध आयोजित किया है। यह तत्कालिक विरोध किसानों के जीवन व जीविका पर हो रहे आघात के विरूद्ध, किसानों के गुस्से की झलक 20 राज्यों में प्रदर्शित हुई। एआईकेएससीसी से सम्बद्ध संगठनों ने ‘चक्का जाम’ धरना तथा कानून की प्रतियां जलाकर 10 हजार से ज्यादा स्थानों पर करीब 1.5 करोड़ किसानों की भागीदारी कराई। जहां केन्द्र सरकार एक गलत धारणा प्रस्तुत कर इस विरोध को केवल उत्तर भारत में केन्द्रित दर्शाने के प्रयास में है, इस बंद व विरोध के अखिल भारतीय चरित्र का असर दक्षिणतम प्रांत तमिलनाडु में भी दिखा जिसमें 300 से अधिक स्थानों पर 35 हजार से ज्यादा किसान सड़कों पर उतरे और राज्य की भाजपा की मित्र सरकार ने 11,000 से ज्यादा को गिरफ्तार किया। अन्य कई संगठनों व असंगठित किसानों द्वारा भी बंद में भाग लेने की खबर है। इस बंद ने स्पष्ट रूप से दिखा दिया की देश के किसानों ने केन्द्र सरकार के इन तीन काले कानूनों को नकार दिया है।

    स्मरण हो कि 9 अगस्त को एआईकेएससीसी ने इन विरोधों की शुरूआत की थी और घोषणा की थी कि जब तक ये तीनों कानून वापस नहीं लिये जाते तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। क्योंकि केन्द्र सरकार इन तीन किसान विरोधी कानूनों को आगे बढ़ा रही है और एमएसपी/सरकारी खरीद पर गलत जानकारियां दे रही है। एआईकेएससीसी किसानों के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए इन कानूनों को अमल नहीं होने देगी।
    एआईकेएससीसी केन्द्र सरकार से अपील करती है कि वह किसानों की मांगों का सम्मान करे और इन्हें अमल होने से रोक दे। वह राज्य सरकारों व उन विपक्षी दलों से, जिन्होंने किसानों के पक्ष का समर्थन किया है, अपील करती है कि वे राज्यों द्वारा इन कानूनों के अमल ना होने देने के कानूनी तरीके ढूंढ़ निकालें।
    इसके अतिरिक्त एआईकेएससीसी राज्य विधान सभाओं से अपील करती है कि वे प्रस्ताव पारित कर घोषित करें कि क्योंकि यह देश के संघीय ढांचे पर और किसानों के अधिकारों पर गम्भीर हमला हैं। इसलिए वे इसे अमल नहीं करेंगी।

    इन तीन किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ एआईकेएससीसी अपने संघर्ष को और तेज करेगी। एआईकेएससीसी की बहुत सारी राज्य इकाईयों ने गांव से ब्लाक स्तर तथा मंडियों में विरोध सभाएं सम्मेलन आयोजित कर केन्द्र सरकार द्वारा किसानों पर किए जा रहे हमले पर शिक्षित करने, सरकार के धोखे को उजागर करने, क्रमिक व नियमित भूख हड़तालें चलाने, आदि का निर्णय लिया है। एआईकेएससीसी अपनी राज्य इकाइयों और विभिन्न संगठनों के साथ समन्वय करते हुए पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश तथा कर्नाटका, तमिलनाडु, तेलंगाना के आन्दोलनों के साथ भी समन्वय करते हुए आन्दोलन के आगे के कदमों की घोषणा करेगी और इस बीच वह सभी राज्य स्तर पर तय कार्यक्रमों व आन्दोलनों का समर्थन व घोषणा करना चाहती है। ये निम्नानुसार हैं।

    – पंजाब के किसान संगठनों द्वारा रेल रोको का आह्नान।
    – 6 अक्टूबर 2020 को हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यन्त चैटाला के घर के सामने धरना व उनके इस्तीफे की मांग।
    – कर्नाटका के किसान संगठनों द्वारा केन्द्र व राज्य सरकार के किसान विरोधी आन्दोलनों द्वारा रोक की अपील।

    ये राज्य स्तरीय स्थानीय विरोध अन्य केन्द्रीय कार्यक्रमों के साथ आयोजित होंगे:

    – 2 अक्टूबर, 2020 को देश के किसान उन पार्टियों व जनप्रतिनिधियों के बहिष्कार का संकल्प लेंगे, जिन्होंने इन किसान विरोधी कानूनों का विरोध नहीं किया है और केन्द्र सरकार के किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ गांव सभा के प्रस्ताव अपनाएंगे।
    – 14 अक्टूबर, 2020 को देश के किसान एमएसपी अधिकार दिवस के रूप में मनाएंगे और सरकार के इस झूठ का खुलासा करेंगे कि किसानों को स्वामीनाथन आयोग के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल रहा है।
    ये सभी विरोध एक राष्ट्रीय विरोध के रूप में 26 व 27 नवम्बर, 2020 को दिल्ली में संगठित होंगे।

    एआईकेएससीसी इसके साथ भारत के सभी किसानों से ‘दिल्ली चलो’ का आह्नान करती है ताकि केन्द्र सरकार किसानों के भविष्य व जीविका पर किए जा रहे अमानवीय हमले को वापस लेने के लिए मजबूर हो सके। एआईकेएससीसी ने संकल्प लिया है कि जब तक देश के किसान नहीं जीत जाते तब तक संघर्ष जारी रहेगा – हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे।

    मीडिया सेल | एआईकेएससीसी
    आशुतोष – 9999150812